प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार के भागलपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 19वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे 22,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
हर साल 6,000 रुपये की मदद, अब तक 3.46 लाख करोड़ का वितरण
पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये दिए जाते हैं, जिससे सालभर में कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और अब तक किसानों को कुल 3.46 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। 19वीं किस्त के बाद यह राशि बढ़कर 3.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
पहले से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने बताया कि 18वीं किस्त में 9.6 करोड़ किसानों को यह लाभ मिला था, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 9.8 करोड़ हो गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
पीएम-किसान: किसानों के लिए एक वरदान
यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना मानी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें उर्वरक और बीज खरीदने में मदद देना और खेती की लागत को कम करना है। सरकार का मानना है कि यह योजना किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सरकार किसानों से लगातार कर रही संवाद
पंजाब में आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत के सवाल पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों से संवाद जारी रखेगी और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर है।
आगे क्या?
पीएम-किसान योजना का प्रभाव केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सरकार के प्रयासों से भविष्य में कृषि तकनीक में सुधार, नई योजनाओं का लाभ और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस योजना का सीधा लाभ देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों को मिल रहा है, जिससे वे खेती में निवेश कर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।